


पालीताना शत्रुंजय जैन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थानों में से एक है, जिसका मुख्य रूप भगवान आदिनाथ (ऋषिभदेव) को समर्पित है। पवित्र पर्वत को 800 से अधिक अतिउत्तम निर्मित स्मारकों के साथ ताज पहनाया जाता है, जो विश्वास और तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक अध्यात्म, भक्ति और मुक्ति (मोक्ष) का प्रतीक है।
पालीताना शत्रुंजय जैन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थानों में से एक है, जिसका मुख्य रूप भगवान आदिनाथ (ऋषिभदेव) को समर्पित है। पवित्र पर्वत को 800 से अधिक अतिउत्तम निर्मित स्मारकों के साथ ताज पहनाया जाता है, जो विश्वास और तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक अध्यात्म, भक्ति और मुक्ति (मोक्ष) का प्रतीक है।